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sanchar ke swarup को प्रभावित करने वाले कारक – 8 easy points

sanchar ke swarup को प्रभावित करने वाले कारक


संचार के स्वरूपों को प्रभावित करने वाले कारक

sanchar ke swarup में कभी – कभी, हम उन बाधाओं के कारण स्पष्ट रूप से संचार नहीं कर पाते हैं जो हमें संदेशों का आदान-प्रदान करने अथवा समझने से रोकते हैं।

sanchar ke swarup – संचार के स्वरूपों को प्रभावित करने वाले कारक निम्न हैं –

कारक कारक किस प्रकार से बाधक हो सकते हैं उदाहरण
भाषा (Language) भाषा संचार की सबसे बड़ी बाधा बन सकती है जब गलत शब्दों का प्रयोग, अपरिचित भाषा, या संदेश में स्पष्टता और विवरण की कमी हो। यदि कोई भारतीय केवल हिंदी जानता है और दूसरा चाइनीज केवल मंदारिन, तो वे एक-दूसरे से प्रभावी संचार नहीं कर पायेंगे।
दृश्य अनुभूति

(Visual Perception)

यह मस्तिष्क की वह क्षमता है जिसके द्वारा हम आंखों से देखी गई चीजों का अर्थ निकालते हैं। अधूरे बनाए गए चित्रों को दृश्य अनुभूति के साथ बनाना जबकि वे कुछ और हो सकते थे।
पूर्व अनुभव

(Past Experience)

हमारे पुराने अनुभव भी संचार को प्रभावित करते हैं। इस दुकानदार ने पिछली बार मुझे ठगा था, अब मैं सतर्क रहूंगा।
पूर्वधारणा (Prejudice) पूर्वधारणा का मतलब होता है किसी व्यक्ति, स्थिति या समूह के बारे में पहले से ही एक नकारात्मक या पक्षपाती सोच बना लेना “कक्षा में कोई मुझे पसंद नहीं करता”, किसी को सार्वजनिक रूप से बोलने या अपने विचार साझा करने से रोक सकती है।
भावनाएं

(Feelings)

मन की स्थिति या भावनाएं संचार में बाधा बन सकती हैं। मुझे अच्छा नहीं लग रहा, इसलिए मैं किसी से बात नहीं करना चाहता।
पर्यावरण (Environment) बाहरी वातावरण जैसे शोर या भीड़ भी प्रभावी संचार में रुकावट डालते हैं। ऐसे कार्यक्रम जहां पर ऑकेस्ट्रा द्वारा तेज संगीत बजाया जा रहा हो आप अपने मित्र से ठीक से बात नहीं कर सकते।
व्यक्तिगत कारक (Personal Factors) हर व्यक्ति की सोचने की शैली, भावनाएं और आदतें भी संचार को प्रभावित करती हैं। आत्मविश्वास की कमी या डर के कारण व्यक्ति खुलकर अपनी बात नहीं रख पाता।
संस्कृति

(Culture)

संकेत और इशारे विभिन्न संस्कृतियों में अलग-अलग अर्थ रखते हैं। अंगूठा दिखाना कुछ लोगों के लिए “शाबाश” हो सकता है, वहीं अन्य संस्कृति में यह अपमानजनक माना जाता है।

आपने अभी sanchar ke swarup को प्रभावित करने वाले कारकों के बारे में पढ़ा!

इसे भी पढ़ें – प्रभावी संचार के 7C

Ganesh Chourasiya

Hi, I’m Ganesh Chourasiya, founder of Vocational IT and a passionate Vocational Trainer with 7+ years of experience. Over the years, I’ve trained 3000+ students in IT-ITES skills, helping them gain practical knowledge and career confidence. My mission through Vocational IT is to make IT education simple, career-focused, and accessible for every learner.

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