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IT Trade Kya Hai? MP Vocational Education me IT-ITeS Trade Lene ke best 15 Fayde (2026)

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1 IT Trade Kya Hai? MP Vocational Education में IT-ITeS ट्रेड लेने के 15 बड़े फायदे
1.3 आईटी ट्रेड लेने के 15 बड़े फायदे

IT Trade Kya Hai? MP Vocational Education में IT-ITeS ट्रेड लेने के 15 बड़े फायदे

आज का समय पूरी तरह डिजिटल होता जा रहा है। चाहे बैंक हो, अस्पताल, स्कूल, सरकारी कार्यालय या कोई निजी कंपनी, लगभग हर जगह कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है। ऐसे समय में यदि कोई विद्यार्थी स्कूल स्तर से ही कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) की पढ़ाई शुरू कर दे, तो उसके भविष्य की नींव काफी मजबूत हो सकती है।

इसी उद्देश्य से मध्य प्रदेश के कई सरकारी विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) के अंतर्गत आईटी-आईटीईएस (IT-ITeS) ट्रेड संचालित की जा रही है। यह केवल एक विषय नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल (Job-Oriented Skills) प्रदान करने वाला एक व्यावहारिक पाठ्यक्रम है।

यदि आप कक्षा 8 उत्तीर्ण कर चुके हैं और कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाले हैं, या आप यह जानना चाहते हैं कि आईटी ट्रेड लेने से क्या लाभ होंगे, तो हम इस ब्लॉग में आपके सभी प्रश्नों के उत्तर देंगे।


आईटी-आईटीईएस (IT-ITeS) ट्रेड क्या है?

IT Trade Kya Hai?

आईटी-आईटीईएस का पूरा नाम Information Technology – Information Technology Enabled Services है।

यह मध्य प्रदेश की व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित एक कौशल आधारित (Skill Based) ट्रेड है, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कंप्यूटर का व्यावहारिक ज्ञान देना है।

इस ट्रेड में केवल किताबों की पढ़ाई नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों को कंप्यूटर लैब में प्रैक्टिकल कार्य भी कराया जाता है ताकि वे वास्तविक जीवन में कंप्यूटर का उपयोग करना सीख सकें।

यही कारण है कि आज यह ट्रेड विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

Students Learning LibreOffice in IT-ITeS Trade


मध्य प्रदेश में आईटी ट्रेड की पढ़ाई कैसे होती है?

आईटी-आईटीईएस ट्रेड को कक्षा के अनुसार दो भागों में विभाजित किया गया है।

कक्षा 9 एवं 10

इन दोनों कक्षाओं में विद्यार्थियों को Domestic Data Entry Operator (DDEO) जॉब रोल के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है।

Vocational IT Courses

इस दौरान विद्यार्थियों को कंप्यूटर की मूलभूत जानकारी, ऑफिस सॉफ्टवेयर, इंटरनेट तथा डेटा एंट्री से संबंधित आवश्यक कौशल सिखाए जाते हैं।

कक्षा 11 एवं 12

उच्च कक्षाओं में विद्यार्थियों को विद्यालय की उपलब्धता के अनुसार निम्नलिखित जॉब रोल में से किसी एक का अध्ययन कराया जाता है—

  • Web Developer
  • Junior Software Developer

इन दोनों जॉब रोल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक आईटी उद्योग के लिए तैयार करना है।


आईटी ट्रेड लेने के 15 बड़े फायदे

1. स्कूल से ही कंप्यूटर की मजबूत नींव

आज लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा, कॉलेज और नौकरी में कंप्यूटर का ज्ञान आवश्यक हो गया है।

यदि विद्यार्थी कक्षा 9 से ही आईटी ट्रेड चुनता है, तो वह अन्य विद्यार्थियों की तुलना में काफी पहले कंप्यूटर का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर लेता है।


2. केवल थ्योरी नहीं, प्रैक्टिकल भी

आईटी ट्रेड की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विद्यार्थियों को नियमित रूप से कंप्यूटर लैब में प्रैक्टिकल कराया जाता है।

यानी जो विषय पढ़ाया जाता है, उसे विद्यार्थी स्वयं कंप्यूटर पर करके भी सीखते हैं।

इससे विषय को समझना आसान हो जाता है।


3. LibreOffice जैसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर सीखने का अवसर

कक्षा 9 एवं 10 में विद्यार्थियों को LibreOffice का उपयोग सिखाया जाता है।

इसके अंतर्गत वे सीखते हैं –

  • दस्तावेज़ (Document) बनाना
  • आवेदन पत्र तैयार करना
  • तालिकाएँ बनाना
  • स्प्रेडशीट तैयार करना
  • गणनाएँ करना
  • चार्ट बनाना
  • प्रेजेंटेशन तैयार करना

ये सभी कौशल आगे कॉलेज, नौकरी और व्यक्तिगत कार्यों में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

IT Trade


4. इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की समझ

विद्यार्थियों को इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग, ई-मेल, ऑनलाइन सेवाएँ, डिजिटल संचार तथा सूचना खोजने की तकनीक भी सिखाई जाती है।

आज के डिजिटल युग में यह ज्ञान प्रत्येक विद्यार्थी के लिए आवश्यक है।


5. रोजगार कौशल (Employability Skills) का प्रशिक्षण

आईटी ट्रेड की एक विशेषता यह भी है कि सभी कक्षाओं में रोजगार कौशल विषय अनिवार्य होता है।

इसमें विद्यार्थियों को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं बल्कि –

  • प्रभावी संवाद (Communication Skills)
  • व्यक्तित्व विकास
  • समय प्रबंधन
  • टीमवर्क
  • इंटरव्यू की तैयारी
  • रिज्यूमे लेखन
  • उद्यमिता (Entrepreneurship)

जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल भी सिखाए जाते हैं।


6. भविष्य के आईटी करियर की मजबूत शुरुआत

यदि कोई विद्यार्थी आगे चलकर BCA, B.Tech, Polytechnic, Computer Science या किसी अन्य आईटी क्षेत्र में पढ़ाई करना चाहता है, तो आईटी ट्रेड उसके लिए मजबूत आधार तैयार करती है।

उसे कॉलेज में पढ़ाए जाने वाले कई विषय पहले से समझ आने लगते हैं।


7. प्रोजेक्ट आधारित सीखने का अवसर

आईटी ट्रेड में विद्यार्थियों को छोटे-छोटे प्रोजेक्ट बनाने का अवसर मिलता है।

इससे उनकी रचनात्मकता बढ़ती है और समस्या समाधान (Problem Solving) की क्षमता विकसित होती है।


8. आत्मविश्वास में वृद्धि

जब विद्यार्थी स्वयं कंप्यूटर पर कार्य करना सीखता है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है।

यही आत्मविश्वास आगे इंटरव्यू, प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी के दौरान बहुत काम आता है।


9. सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में उपयोगी

आज लगभग हर सरकारी और निजी संस्थान में कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है। चाहे बैंकिंग हो, शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-गवर्नेंस या निजी कंपनियाँ – हर जगह कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान आवश्यक है।

आईटी-आईटीईएस ट्रेड के माध्यम से विद्यार्थी कम उम्र में ही ऐसे कौशल सीख लेते हैं जो आगे चलकर विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगी साबित होते हैं।


10. प्रतियोगी परीक्षाओं में भी मिलता है लाभ

आज अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं में कंप्यूटर से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।

यदि विद्यार्थी ने कक्षा 9 से ही आईटी ट्रेड का अध्ययन किया है, तो उसे कंप्यूटर की मूलभूत जानकारी पहले से होती है, जिससे आगे की तैयारी अपेक्षाकृत आसान हो जाती है।


11. उच्च शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन

आईटी ट्रेड से पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आगे चलकर BCA, B.Sc. Computer Science, Polytechnic, B.Tech. या अन्य कंप्यूटर संबंधित पाठ्यक्रमों में कई विषय पहले से परिचित लगते हैं।

इससे वे नई तकनीकों को जल्दी समझ पाते हैं।


12. तकनीक के साथ सीखने की आदत विकसित होती है

आईटी ट्रेड विद्यार्थियों को केवल कंप्यूटर चलाना नहीं सिखाती, बल्कि तकनीक के साथ सीखने और नई चीज़ों को अपनाने की सोच भी विकसित करती है।

आज के समय में यही सबसे महत्वपूर्ण कौशल है।


13. भविष्य में फ्रीलांसिंग और डिजिटल कार्यों की संभावना

कक्षा 11 एवं 12 में Web Developer या Junior Software Developer जॉब रोल चुनने वाले विद्यार्थी आगे चलकर वेबसाइट बनाना, प्रोग्रामिंग सीखना और डिजिटल प्रोजेक्ट्स पर कार्य करना शुरू कर सकते हैं।

यदि वे आगे भी अपने कौशल को विकसित करते हैं, तो भविष्य में फ्रीलांसिंग, इंटर्नशिप या स्वयं का डिजिटल कार्य शुरू करने जैसी संभावनाएँ भी बन सकती हैं।


14. आत्मनिर्भर बनने की दिशा में पहला कदम

कौशल आधारित शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना है।

आईटी ट्रेड विद्यार्थियों में व्यावहारिक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और तकनीकी समझ विकसित करती है, जो उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण आधार बनती है।


15. भविष्य के डिजिटल भारत के लिए तैयारी

भारत तेजी से डिजिटल सेवाओं की ओर बढ़ रहा है। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे क्षेत्रों में अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

ऐसे समय में आईटी-आईटीईएस ट्रेड विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


कक्षा 9 एवं 10 में क्या पढ़ाया जाता है?

कक्षा 9 और 10 में विद्यार्थियों को Domestic Data Entry Operator (DDEO) जॉब रोल के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है।

इस दौरान मुख्य रूप से निम्न विषयों का अध्ययन कराया जाता है –

  • आईटी का परिचय
  • कीबोर्डिंग कौशल
  • LibreOffice Writer
  • LibreOffice Calc
  • LibreOffice Impress
  • इंटरनेट का उपयोग
  • ई-मेल
  • डेटा एंट्री की मूल बातें
  • डिजिटल कार्यों का अभ्यास

इन विषयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को कंप्यूटर का आत्मविश्वास के साथ उपयोग करना सिखाना है।


रोजगार कौशल (Employability Skills) क्यों महत्वपूर्ण है?

बहुत से विद्यार्थी सोचते हैं कि रोजगार कौशल केवल एक अतिरिक्त विषय है, जबकि वास्तव में यह आईटी ट्रेड का महत्वपूर्ण भाग है।

इसमें विद्यार्थियों को सिखाया जाता है—

  • प्रभावी संवाद (Communication Skills)
  • स्वयं का प्रबंधन (Self Management)
  • टीम में कार्य करना
  • समय प्रबंधन
  • उद्यमिता (Entrepreneurship)
  • हरित कौशल (Green Skills)
  • सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT)
  • पेशेवर व्यवहार

ये कौशल आगे नौकरी, उच्च शिक्षा और व्यक्तिगत विकास में अत्यंत उपयोगी होते हैं।


कक्षा 11 एवं 12 में क्या पढ़ाया जाता है?

कक्षा 11 एवं 12 में विद्यालय की उपलब्धता के अनुसार विद्यार्थियों को निम्नलिखित जॉब रोल में से किसी एक का अध्ययन कराया जाता है –

Web Developer

इस जॉब रोल में विद्यार्थियों को वेबसाइट बनाना और उसका प्रारंभिक विकास करना सिखाया जाता है।

इसमें सामान्यतः निम्न विषय शामिल होते हैं—

  • HTML
  • CSS
  • JavaScript
  • Responsive Web Design
  • Forms
  • Basic Website Projects

Junior Software Developer

इस जॉब रोल में विद्यार्थियों को सॉफ्टवेयर विकास की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराया जाता है।

इसमें प्रोग्रामिंग लॉजिक, डेटाबेस की आधारभूत जानकारी तथा एप्लिकेशन विकास की प्रारंभिक समझ विकसित की जाती है।


क्या इस ट्रेड में प्रैक्टिकल होते हैं?

हाँ।

आईटी-आईटीईएस ट्रेड की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्रायोगिक (Practical) शिक्षा है।

विद्यार्थियों को नियमित रूप से कंप्यूटर लैब में कार्य कराया जाता है, जहाँ वे स्वयं दस्तावेज़ बनाते हैं, स्प्रेडशीट तैयार करते हैं, प्रेजेंटेशन बनाते हैं तथा अन्य व्यावहारिक गतिविधियाँ करते हैं।

यही कारण है कि इस ट्रेड के विद्यार्थी केवल परीक्षा की तैयारी ही नहीं करते, बल्कि वास्तविक जीवन में उपयोगी कौशल भी सीखते हैं।


आईटी ट्रेड के बाद भविष्य की संभावनाएँ

यदि विद्यार्थी इस क्षेत्र में आगे पढ़ाई जारी रखता है, तो उसके लिए अनेक विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं, जैसे—

  • BCA
  • B.Sc. Computer Science
  • Polytechnic
  • B.Tech.
  • अन्य Skill Development Courses

इसके अतिरिक्त वह अपनी रुचि के अनुसार Web Development, Software Development, Office Productivity, Digital Services या अन्य आईटी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ सकता है।


निष्कर्ष

यदि आप ऐसे विद्यार्थी हैं जो केवल परीक्षा पास करने के बजाय कुछ नया सीखना चाहते हैं, तो आईटी-आईटीईएस ट्रेड आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प हो सकती है।

यह ट्रेड आपको कक्षा 9 से ही कंप्यूटर का व्यावहारिक ज्ञान, रोजगार कौशल और भविष्य के आईटी करियर की मजबूत नींव प्रदान करती है।

यदि आप नियमित रूप से पढ़ाई करें, प्रैक्टिकल करें और नई तकनीकों को सीखने की रुचि बनाए रखें, तो यह विषय आपके भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश साबित हो सकता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या आईटी ट्रेड केवल कंप्यूटर में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए है?

नहीं। कोई भी विद्यार्थी, जिसके विद्यालय में यह ट्रेड उपलब्ध है, इसे चुन सकता है।

2. कक्षा 9 और 10 में कौन-सा जॉब रोल पढ़ाया जाता है?

Domestic Data Entry Operator (DDEO)

3. क्या इसमें केवल थ्योरी होती है?

नहीं। इसमें नियमित प्रैक्टिकल भी कराए जाते हैं।

4. क्या रोजगार कौशल सभी कक्षाओं में अनिवार्य है?

हाँ, रोजगार कौशल सभी व्यावसायिक विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण विषय है।

5. कक्षा 11 और 12 में कौन-कौन से विकल्प मिलते हैं?

विद्यालय की उपलब्धता के अनुसार Web Developer या Junior Software Developer।

6. क्या इस ट्रेड के बाद उच्च शिक्षा की जा सकती है?

हाँ। विद्यार्थी BCA, Polytechnic, B.Tech., B.Sc. Computer Science आदि पाठ्यक्रमों में आगे बढ़ सकते हैं।

7. क्या यह ट्रेड भविष्य में उपयोगी है?

हाँ। वर्तमान डिजिटल युग में कंप्यूटर कौशल का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

8. क्या केवल स्कूल की पढ़ाई पर्याप्त है?

विद्यालय की पढ़ाई के साथ यदि विद्यार्थी नियमित अभ्यास करे, अतिरिक्त अध्ययन सामग्री पढ़े और प्रोजेक्ट बनाए, तो उसकी समझ और भी मजबूत हो सकती है।


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हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा की तैयारी कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक कौशल के साथ भविष्य के लिए तैयार करना है।

Ganesh Chourasiya

Hi, I’m Ganesh Chourasiya, founder of Vocational IT and a passionate Vocational Trainer with 7+ years of experience. Over the years, I’ve trained 3000+ students in IT-ITES skills, helping them gain practical knowledge and career confidence. My mission through Vocational IT is to make IT education simple, career-focused, and accessible for every learner.

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