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अध्याय 1 – स्टाइल का परिचय | Style ka parichay – Class 10th IT best answer

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1 अध्याय 1 – स्टाइल का परिचय | Style ka parichay

अध्याय 1 – स्टाइल का परिचय | Style ka parichay

प्रश्न 1 लिब्रे ऑफिस राइटर में स्टाइल से आप क्या समझते हैं?

उत्तर – स्टाइल एक फॉर्मेटिंग का संग्रह है, जिसमें फ़ॉन्ट, साइज, बोल्ड, इटैलिक, रंग और एलाइन्मेंट जैसी विशेषताएँ शामिल होती हैं। इसे सेव करके बार-बार प्रयोग किया जा सकता है।

उदाहरणअगर किसी हेडिंग को हमेशा एक ही फ़ॉन्ट, साइज, बोल्ड और एलाइन्मेंट में लिखना हो, तो इन सबको मिलाकर एक स्टाइल बना लिया जाता है। बाद में जब भी हेडिंग लिखी जाएगी, केवल उस स्टाइल को लागू करना होगा और टेक्स्ट अपने-आप उसी फॉर्मेट में आ जाएगा।


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प्रश्न 2 – डॉक्यूमेंट डिज़ाइन के लिए मैन्युअल फॉर्मेटिंग पर स्टाइल का उपयोग करने के फायदे लिखें।

उत्तर – डॉक्यूमेंट डिज़ाइन के लिए मैन्युअल फॉर्मेटिंग पर स्टाइल का उपयोग करने के फायदे –

  1. समय की बचत – एक बार स्टाइल बनाने के बाद उसे बार-बार लागू किया जा सकता है, जिससे बार-बार मैन्युअल फॉर्मेटिंग करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
  2. समानता पूरे डॉक्यूमेंट में एक जैसा फॉर्मेट रहता है। मैन्युअल तरीके से अलग-अलग जगह पर असमानता हो सकती है, लेकिन स्टाइल से एकरूपता बनी रहती है।
  3. आसानी से बदलाव अगर किसी स्टाइल को बदलना हो तो केवल स्टाइल अपडेट करने से पूरे डॉक्यूमेंट में बदलाव अपने-आप हो जाता है।
  4. प्रोफेशनल लुक – स्टाइल का प्रयोग करने से डॉक्यूमेंट ज़्यादा आकर्षक और पेशेवर (professional) दिखाई देता है।
  5. लचीलापन स्टाइल को अलग-अलग भागों (हेडिंग, पैराग्राफ, लिस्ट आदि) पर आसानी से लागू किया जा सकता है।

Style ka parichay

प्रश्न 3 – लिब्रे ऑफिस राइटर में स्टाइल की विभिन्न श्रेणियां (categories) क्या हैं?

उत्तर – लिब्रे ऑफिस राइटर में स्टाइल की विभिन्न श्रेणियां (categories) निम्न हैं –

लिब्रे ऑफिस राइटर में कुल 6 प्रकार की स्टाइल श्रेणियाँ होती हैं –

  1. पेज स्टाइल (Page Style) – डॉक्युमेंट पेज पर आधारित होते हैं। पेज स्टाइल से पेज का आकार, मार्जिन, हेडर-फूटर, बॉर्डर व बैकग्राउंड तय होते हैं। यदि नया स्टाइल न दिया जाए तो डिफ़ॉल्ट पेज स्टाइल उपयोग होता है।
  2. पैराग्राफ स्टाइल (Paragraph Style) – पैराग्राफ में कंटेंट को व्यवस्थित किया जाता है। Enter दबाने से नया पैराग्राफ शुरू होता है। इसमें टेक्स्ट स्टाइल, एलाइन्मेंट, लाइन स्पेसिंग व बॉर्डर शामिल होते हैं।
  3. कैरेक्टर स्टाइल (Character Style) – यह चयनित टेक्स्ट या शब्द पर लागू होती है। इसके द्वारा फॉन्ट, साइज, बोल्ड, इटैलिक तथा रंग जैसे गुण बदले जा सकते हैं।
  4. फ्रेम स्टाइल (Frame Style) – फ्रेम कंटेनर की तरह काम करता है और इसकी मदद से डॉक्युमेंट में टेक्स्ट या चित्र को किसी भी स्थान पर रखा जा सकता है तथा उसका फॉर्मेट आसानी से बदला जा सकता है।
  5. लिस्ट स्टाइल (List Style) – डॉक्युमेंट में सूचियाँ बनाने के लिए लिस्ट का उपयोग किया जाता है। इसमें नंबर या बुलेट देकर सामग्री को क्रमबद्ध दिखाया जा सकता है।
  6. टेबल स्टाइल (Table Style) – यह टेबल पर लागू होती है। इसके द्वारा टेबल की बॉर्डर, बैकग्राउंड, फॉन्ट और पैटर्न नियंत्रित किए जा सकते हैं।

style ki categories

प्रश्न 4 – एक स्टाइल को अपडेट करने के लिए चरणों को लिखें।

उत्तर – एक स्टाइल को अपडेट करने के चरण –

चरण 1 – संशोधित (edit) करने के लिए पेज या पैराग्राफ का चयन करें।

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चरण 2 – आवश्यकता अनुसार चुने गए भाग का फॉर्मेट बदलें।

चरण 3Style Menu पर जाएँ और Update करने के लिए बटन पर क्लिक करें।

चरण 4 – स्टाइल का नाम चुनें और Update Selected Style पर क्लिक करें।

 

प्रश्न 5 – लिब्रे ऑफिस राइटर में कस्टम स्टाइल से आप क्या समझते हैं?

उत्तर – कस्टम स्टाइल वे स्टाइल होते हैं जिन्हें उपयोगकर्ता अपनी आवश्यकता अनुसार स्वयं बनाता और सेव करता है, ताकि उन्हें बार-बार इस्तेमाल किया जा सके।

यह पहले से बने predefined styles की तरह नहीं होता, बल्कि यूजर खुद नया स्टाइल बनाकर सेव करते हैं ताकि उसे बार-बार उपयोग कर सकें।


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प्रश्न 6 – दो उदाहरण दें, जहां स्टाइल के बजाय मैनुअल फॉर्मेटिंग का उपयोग करना फायदेमंद होगा।

उत्तर – स्टाइल की बजाय मैनुअल फॉर्मेटिंग निम्न जगह उपयोगी होती है:

  1. शीर्षक पृष्ठ (Title Page) सजाने में – अगर किसी डॉक्यूमेंट के सिर्फ पहले पेज पर विशेष डिज़ाइन, अलग रंग या खास फ़ॉन्ट चाहिए तो स्टाइल बनाने की बजाय सीधे मैनुअल फॉर्मेटिंग करना आसान होता है।
  2. छोटे-छोटे बदलावों के लिए – जैसे किसी पैराग्राफ में केवल एक शब्द को Bold या Italic करना, या किसी लाइन का रंग बदलना। ऐसे छोटे बदलावों के लिए स्टाइल बनाने की ज़रूरत नहीं होती।

 

प्रश्न 7 – एक स्थिति दें, जिसमें आप अपने डॉक्यूमेंट को स्टाइल करने के लिए फ़िल फॉर्मेट का उपयोग करना पसंद करेंगे।

उत्तर – यदि किसी डॉक्यूमेंट में एक ही स्टाइल को कई अलग-अलग स्थानों पर लागू करना हो, जैसे – हेडिंग, पैराग्राफ, टेबल और लिस्ट पर, तो हर बार मैनुअल फॉर्मेटिंग करने की बजाय फ़िल फॉर्मेट (Fill Format) का उपयोग करना आसान और तेज़ होता है।

उदाहरण – यदि हमें पूरे डॉक्यूमेंट में सभी हेडिंग्स को नीले रंग, 14 साइज और बोल्ड में करना है। हर हेडिंग पर बार-बार वही फॉर्मेट करने की बजाय हम एक बार स्टाइल चुनकर फ़िल फॉर्मेट से सभी हेडिंग्स पर आसानी से लागू कर सकते हैं।

 

प्रश्न 8 – एक टेम्पलेट से स्टाइल को लोड करने के लिए चरण लिखें।

उत्तर एक टेम्पलेट से स्टाइल लोड करने के चरण

चरण 1 – Styles मेन्यू में जाएँ और Load Styles विकल्प चुनें।

चरण 2 – इससे Load Styles डायलॉग बॉक्स खुलेगा।

चरण 3 – यहाँ से अपनी पसंद का टेम्पलेट चुनें।

चरण 4 – डायलॉग बॉक्स में टेक्स्ट, फ्रेम, पेज, लिस्ट (नंबरिंग) आदि के लिए स्टाइल के विकल्प दिखाई देंगे।

चरण 5 – आवश्यक विकल्प चुनकर OK पर क्लिक करें।

चरण 6 – यदि टेम्पलेट किसी फ़ाइल में सेव है तो From File बटन दबाकर फ़ाइल से भी स्टाइल लोड किया जा सकता है।

 


 

बहुविकल्प प्रश्न

प्रश्न 1 – सही विकल्प का चयन कीजिये –

1. राइटर में स्टाइल्स मेनू (साइडबार से) काम करने के विकल्प प्रदान करता है?

(क) पैराग्राफस्टाइल                                                         (ख) फ्रेम स्टाइल

(ग) पेज स्टाइल्स                                                             (घ) उपरोक्त सभी

उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

2. लिब्रे ऑफिस राइटर में Style टेम्पलेट क्या है?

(क) प्री डिटर्मिन किया गया form और डॉक्यूमेंट फ़ाइल की विधि        (ख) एक प्रकार की मॉडल स्टाइल

(ग) एक प्रकार का डॉक्यूमेंट                                                           (घ) राइटर में डॉक्यूमेंट का क्लस्टर

उत्तर – (ख) एक प्रकार की मॉडल स्टाइल

3. आपके डॉक्यूमेंट में निम्न में से कहां पेज नंबर, पेजों की संख्या का स्टेटस बताया जाता है?

(क) स्टेटस बार                                                               (ख) स्टैंडर्ड टूलबार

(ग) फॉर्मेट                                                                      (घ) टाइटल बार

उत्तर – (क) स्टेटस बार

4. स्टाइल मेनू को एक्सेस करने के लिए निम्न में से किसका उपयोग किया जा सकता है?

(क) F11 function कीज                                                (ख) साइडबार मेनू

(ग) फॉर्मेटिंग टूलबार                                                        (घ) उपरोक्त सभी

उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

5. लिब्रे ऑफिस राइटर में स्टाइल की कितनी श्रेणियां हैं?

(क) 5                                                                           (ख) 6

(ग) 4                                                                            (घ) 2

उत्तर – (ख) 6


प्रश्न 2 – रिक्त स्थान की पूर्ती कीजिये –

  1. ………………………. विभिन्न फॉर्मेट का एक संग्रह है।
  2. स्टाइल विशेष रूप से……………………………… में उपयोगी हैं।
  3. किसी डॉक्यूमेंट में स्टाइल का उचित उपयोग करने से………………….. को बेहतर बनाया जाता है।
  4. स्टाइल विंडो के शीर्ष पर पहले छः बटन………………………… की कैटेगरी चुनने के लिए होते हैं।
  5. Predefined……………………….. का उपयोग करने से डॉक्यूमेंट में बुकमार्क बनाया जा सकता है।
  6. एक नई फ़ाइल खोलने पर…………………….. स्टाइल का उपयोग डॉक्यूमेंट फॉर्मेटिंग के लिए किया जाता है।
  7. पेज लेआउट दस्तावेजों में, आप टेक्स्ट बॉक्स और ग्राफिक्स की तरह………………….. को व्यवस्थित कर सकते हैं।
  8. कैरेक्टर स्टाइल को अक्सर………………………. स्टाइल में एकीकृत किया जाता है।
  9. …………………………से डॉक्यूमेंट में विभिन्न स्थानों पर स्टाइल एप्लाय करने की सुविधा मिलती है।
  10. Predefined स्टाइल…………………….. ड्रैग एंड ड्रॉप विधि द्वारा अपडेट की जाएगी।

 

उत्तर – 1. स्टाइल            2. लंबे डॉक्यूमेंट            3. प्रेज़ेंटेशन और लुक    4. स्टाइल्स        5. हैडिंग स्टाइल                6. डिफ़ॉल्ट       7. ऑब्जेक्ट      8. पैराग्राफ़       9. फिल फ़ॉर्मेट              10. लिस्ट

 


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Ganesh Chourasiya

Hi, I’m Ganesh Chourasiya, founder of Vocational IT and a passionate Vocational Trainer with 7+ years of experience. Over the years, I’ve trained 3000+ students in IT-ITES skills, helping them gain practical knowledge and career confidence. My mission through Vocational IT is to make IT education simple, career-focused, and accessible for every learner.

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