sanchar ke swarup को प्रभावित करने वाले कारक
संचार के स्वरूपों को प्रभावित करने वाले कारक
sanchar ke swarup में कभी – कभी, हम उन बाधाओं के कारण स्पष्ट रूप से संचार नहीं कर पाते हैं जो हमें संदेशों का आदान-प्रदान करने अथवा समझने से रोकते हैं।
sanchar ke swarup – संचार के स्वरूपों को प्रभावित करने वाले कारक निम्न हैं –
| कारक | कारक किस प्रकार से बाधक हो सकते हैं | उदाहरण |
| भाषा (Language) | भाषा संचार की सबसे बड़ी बाधा बन सकती है जब गलत शब्दों का प्रयोग, अपरिचित भाषा, या संदेश में स्पष्टता और विवरण की कमी हो। | यदि कोई भारतीय केवल हिंदी जानता है और दूसरा चाइनीज केवल मंदारिन, तो वे एक-दूसरे से प्रभावी संचार नहीं कर पायेंगे। |
| दृश्य अनुभूति
(Visual Perception) |
यह मस्तिष्क की वह क्षमता है जिसके द्वारा हम आंखों से देखी गई चीजों का अर्थ निकालते हैं। | अधूरे बनाए गए चित्रों को दृश्य अनुभूति के साथ बनाना जबकि वे कुछ और हो सकते थे। |
| पूर्व अनुभव
(Past Experience) |
हमारे पुराने अनुभव भी संचार को प्रभावित करते हैं। | इस दुकानदार ने पिछली बार मुझे ठगा था, अब मैं सतर्क रहूंगा। |
| पूर्वधारणा (Prejudice) | पूर्वधारणा का मतलब होता है किसी व्यक्ति, स्थिति या समूह के बारे में पहले से ही एक नकारात्मक या पक्षपाती सोच बना लेना | “कक्षा में कोई मुझे पसंद नहीं करता”, किसी को सार्वजनिक रूप से बोलने या अपने विचार साझा करने से रोक सकती है। |
| भावनाएं
(Feelings) |
मन की स्थिति या भावनाएं संचार में बाधा बन सकती हैं। | मुझे अच्छा नहीं लग रहा, इसलिए मैं किसी से बात नहीं करना चाहता। |
| पर्यावरण (Environment) | बाहरी वातावरण जैसे शोर या भीड़ भी प्रभावी संचार में रुकावट डालते हैं। | ऐसे कार्यक्रम जहां पर ऑकेस्ट्रा द्वारा तेज संगीत बजाया जा रहा हो आप अपने मित्र से ठीक से बात नहीं कर सकते। |
| व्यक्तिगत कारक (Personal Factors) | हर व्यक्ति की सोचने की शैली, भावनाएं और आदतें भी संचार को प्रभावित करती हैं। | आत्मविश्वास की कमी या डर के कारण व्यक्ति खुलकर अपनी बात नहीं रख पाता। |
| संस्कृति
(Culture) |
संकेत और इशारे विभिन्न संस्कृतियों में अलग-अलग अर्थ रखते हैं। | अंगूठा दिखाना कुछ लोगों के लिए “शाबाश” हो सकता है, वहीं अन्य संस्कृति में यह अपमानजनक माना जाता है। |
आपने अभी sanchar ke swarup को प्रभावित करने वाले कारकों के बारे में पढ़ा!
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