Rojgar Koushal 9th – Important question answer 2026

रोजगार कौशल क्लास 9th – Important question answer 2026

 

प्रश्न 1 – संचार के स्वरूपों को प्रभावित करने वाले कारकों को समझाइए –

उत्तरसंचार के स्वरूपों को प्रभावित करने वाले कारक निम्न हैं –

कारक कारक किस प्रकार से बाधक हो सकते हैं उदाहरण
भाषा (Language) भाषा संचार की सबसे बड़ी बाधा बन सकती है जब गलत शब्दों का प्रयोग, अपरिचित भाषा, या संदेश में स्पष्टता और विवरण की कमी हो। यदि कोई भारतीय केवल हिंदी जानता है और दूसरा चाइनीज केवल मंदारिन, तो वे एक-दूसरे से प्रभावी संचार नहीं कर पायेंगे।
दृश्य अनुभूति

(Visual Perception)

यह मस्तिष्क की वह क्षमता है जिसके द्वारा हम आंखों से देखी गई चीजों का अर्थ निकालते हैं। अधूरे बनाए गए चित्रों को दृश्य अनुभूति के साथ बनाना जबकि वे कुछ और हो सकते थे।
पूर्व अनुभव

(Past Experience)

हमारे पुराने अनुभव भी संचार को प्रभावित करते हैं। इस दुकानदार ने पिछली बार मुझे ठगा था, अब मैं सतर्क रहूंगा।
पूर्वधारणा (Prejudice) पूर्वधारणा का मतलब होता है किसी व्यक्ति, स्थिति या समूह के बारे में पहले से ही एक नकारात्मक या पक्षपाती सोच बना लेना “कक्षा में कोई मुझे पसंद नहीं करता”, किसी को सार्वजनिक रूप से बोलने या अपने विचार साझा करने से रोक सकती है।
भावनाएं

(Feelings)

मन की स्थिति या भावनाएं संचार में बाधा बन सकती हैं। मुझे अच्छा नहीं लग रहा, इसलिए मैं किसी से बात नहीं करना चाहता।
पर्यावरण (Environment) बाहरी वातावरण जैसे शोर या भीड़ भी प्रभावी संचार में रुकावट डालते हैं। ऐसे कार्यक्रम जहां पर ऑकेस्ट्रा द्वारा तेज संगीत बजाया जा रहा हो आप अपने मित्र से ठीक से बात नहीं कर सकते।
व्यक्तिगत कारक (Personal Factors) हर व्यक्ति की सोचने की शैली, भावनाएं और आदतें भी संचार को प्रभावित करती हैं। आत्मविश्वास की कमी या डर के कारण व्यक्ति खुलकर अपनी बात नहीं रख पाता।
संस्कृति

(Culture)

संकेत और इशारे विभिन्न संस्कृतियों में अलग-अलग अर्थ रखते हैं। अंगूठा दिखाना कुछ लोगों के लिए “शाबाश” हो सकता है, वहीं अन्य संस्कृति में यह अपमानजनक माना जाता है।

 

प्रश्न 2 – संचार क्या है? संचार के महत्त्व को समझाइए –

उत्तर संचार – ‘संचार (Communication)’ शब्द लैटिन शब्द कम्युनिकेयर (Communicare) से लिया गया है जिसका अर्थ है सूचनाओं का आदान-प्रदान करना। संचार दो या दो से अधिक व्यक्तियों अथवा समूहों के बीच विचारों, भावनाओं,सूचनाओं या संदेशों को साझा करने की एक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य आपसी समझ बनाना होता है।

संचार का महत्व (Importance of communication) –

स्पष्ट और प्रभावी संचार किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत, सामाजिक और व्यावसायिक सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है। संचार विचारों, भावनाओं और जानकारियों के आदान-प्रदान करने की आपकी क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है।

 

प्रश्न 3 – प्रभावी संचार के 7C को समझाइए –

उत्तर –   प्रभावी संचार तभी संभव है जब हम व्यावहारिक संचार कौशल के मूलभूत सिद्धांतों का पालन करें। इन सिद्धांतों को संक्षेप में “7C” कहा जाता है।

प्रभावी संचार के 7C –

Clear (स्पष्ट) आप जो कहना चाहते हैं, वह स्पष्ट और सीधे शब्दों में कहें। भ्रम की स्थिति न हो।
Concise (संक्षिप्त) अनावश्यक शब्दों से बचें। केवल वही बात कहें जो जरूरी हो।
Concrete (यथार्थपूर्ण) तथ्यात्मक और ठोस शब्दों व उदाहरणों का प्रयोग करें जिससे संदेश मजबूत हो।
Correct (ठीक) शुद्ध भाषा, सही वर्तनी और व्याकरण का प्रयोग करें।
Coherent (सुसंगत) आपके शब्दों का अर्थ होना चाहिए और मुख्य विषय से संबंधित होना चाहिए।
Complete (पूर्ण) आपके संदेश में सभी आवश्यक जानकारी होनी चाहिए।
Courteous (शिष्ट) भाषा में विनम्रता, सम्मान और ईमानदारी हो।

 

प्रश्न 4 – मौखिक और गैर-मौखिक संचार को समझाइए –

उत्तर – मौखिक संचार जब हम शब्दों का प्रयोग करके बोलकर किसी विचार, सूचना या भावना को दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाते हैं, तो उसे मौखिक संचार कहा जाता है।

उदाहरण – आमने-सामने की बातचीत, फोन पर बात करना

गैर-मौखिक संचार – गैर-मौखिक संचार (Non-verbal Communication) वह संचार है जिसमें बिना बोले यानी बिना शब्दों का प्रयोग किए हाव-भाव, इशारों, चेहरे के भाव, बॉडी लैंग्वेज आदि के माध्यम से अपनी बात सामने वाले तक पहुँचाई जाती है।

 

प्रश्न 5 – द्रश्य संचार क्या है? द्रश्य संचार के कोई 5 उदाहरण समझाइये –

उत्तर – ऐसा संचार जो हम अपनी आँखों से देखते हैं और उससे जानकारी या संदेश प्राप्त करते हैं, द्रश्य संचार कहलाता है। इसमें कोई शब्दों या आवाज़ की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि तस्वीरें, चिन्ह, रंग, प्रतीक आदि के माध्यम से संदेश दिया जाता है।

द्रश्य संचार के उदाहरण –

 

 

 

 

प्रश्न 6 – ताकत और कमजोरी क्या है? उदाहरण सहित समझाइए –

उत्तर – ताकत – ताकत वे गुण, कौशल या विशेषताएं होती हैं जो हमें किसी कार्य को सफलतापूर्वक और आत्मविश्वास से पूरा करने में मदद करती हैं।

ताकत के उदाहरण –

कमजोरी – कमजोरियाँ वे क्षेत्र या आदतें हैं जहाँ हमें सुधार करने की आवश्यकता होती है। ये हमारे लक्ष्यों को पाने में रुकावट बन सकती हैं।

कमजोरी के उदाहरण –

 

प्रश्न 7 – फाइल और फोल्डर को समझाइये –

उत्तर फाइल फाइल कंप्यूटर में डाटा या सूचना का संग्रह होता है।  इसमें टेक्स्ट, फोटो, वीडियो, ऑडियो या प्रोग्राम सेव हो सकते हैं।

उदाहरण: myfile.docx (Word फाइल), photo.jpg (इमेज फाइल), song.mp3 (ऑडियो फाइल)

फोल्डरफोल्डर कंप्यूटर में फाइलों को संगठित (Organize) करने का एक तरीका है। यह एक डिजिटल डिब्बे की तरह होता है जिसमें कई फाइलें या सब-फोल्डर रखे जा सकते हैं।

उदाहरण: Documents फोल्डर, Pictures फोल्डर, My Projects नामक फोल्डर जिसमें कई वर्ड फाइलें हो सकती हैं।

 

प्रश्न 8 – इंटरनेट के उपयोग पर एक संक्षिप्त नोट लिखें –

उत्तर इंटरनेट एक वैश्विक नेटवर्क है जो दुनियाभर के कंप्यूटरों को आपस में जोड़ता है। इसके माध्यम से हम सूचना प्राप्त करने, संचार करने, खरीदारी, पढ़ाई, मनोरंजन आदि जैसे अनेक कार्य कर सकते हैं।

इंटरनेट के प्रमुख उपयोग:

  1. संचार (Communication):
  2. शिक्षा (Education):
  3. ऑनलाइन खरीदारी (Online Shopping):
  4. बैंकिंग व लेन-देन (Online Banking):
  5. मनोरंजन (Entertainment):

 

 

प्रश्न 9 – उद्यमशीलता की विशेषताएँ बताइये?

उत्तर – उद्यमशीलता की विशेषताएँ –

  1. नवाचार: नए विचार, प्रोडक्ट या सेवाएँ लाना।
  2. जोखिम उठाने की क्षमता: अनिश्चित परिस्थितियों में भी निर्णय लेना।
  3. अवसर की पहचान: सही समय पर अवसर को पहचानकर उसका उपयोग करना।
  4. संसाधनों का उपयोग: पूँजी, श्रम और तकनीक का सही प्रबंधन करना।
  5. लाभ कमाना: व्यापार को लाभदायक बनाना।

 

प्रश्न 10 – एक सफल उद्यमी के गुणों को समझाइये –

उत्तरएक सफल उद्यमी (Entrepreneur) के गुण इस प्रकार हैं

  1. सृजनशीलता: नए विचारों और नवाचार करने की क्षमता।
  2. जोखिम उठाने की क्षमता: सफलता पाने के लिए सोच-समझकर जोखिम लेना।
  3. नेतृत्व क्षमता: दूसरों को दिशा देना और प्रेरित करना।
  4. आत्मविश्वास: अपने निर्णय और कार्यों पर भरोसा रखना।
  5. परिश्रमशीलता: कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर प्रयास करना।
  6. निर्णय लेने की क्षमता: समय पर सही निर्णय लेना।

प्रश्न 11 – हरित कौशल क्या है?

उत्तरहरित कौशल वे कौशल हैं जो जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रक्रियाओं, सेवाओं और उत्पादों को अपनाने के लिए आवश्यक होते हैं। ये कौशल लोगों को ग्रीन-जॉब्स के लिए तैयार करते हैं और पर्यावरण को स्वच्छ, टिकाऊ एवं ऊर्जा-संरक्षणयुक्त बनाने में मदद करते हैं।

 

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